why sawan 2021 is so important for hinduism in hindi
Sawan 2021: दोस्तों सावन का पवित्र महीना शुरु हो गया है. हिन्दू धर्म में इस महीने को बहुत ही पवित्र महीना माना जाता हैं हिन्दू पञ्चांग के अनुसार ये 5 वाँ महीना होता है . इस महीने भगवान भोलेनाथ कि पूजा की पूजा की जाती है. ये पूरा महीना भगवान भोलेनाथ का ही माना जाता हैं. कहा जाता हैं की इस महीने में जो भी भक्त सच्चे मन से श्रध्दा और भक्ति भाव से महादेव की पूजा आराधना करता है महादेव उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं.
सावन का महत्व (Sawan ka Mahatva): 1. पौराणिक कथाओँ के अनुसार सावन के महीने मे ही असुरो और देवताओ के द्वारा समुन्द्र मंथन् किया गया था. जिसमें कुल 14 वस्तुओं की उत्पत्ति हुयी थी. 12 वस्तुओं को तो देवताओ और असुरो में आसानी से बाँट लिए गये लेकिन 2 वस्तुओं को लेकर दोनों में सहमति नहीं बन पा रही थी .पहला था अमृत और दूसरा हलाहल यानीं की विष इन दोनों वस्तुओं लेकर देवताओं और असुरो में लड़ाई झगड़े होने लगे.
तब किसी तरह अमृत देवताओ कों मिला लेकिन विष पिने के लिए कोई तैयार नहीं था विष इतना जहरीला था की उससे पूरी सृष्टि का विनाश हो सकता था, तब देवों के देव महादेव ने उस विष का पान (पिने) करने का निर्णय लिया. और पुरे हलाहल को पी गए और उसको अपने कंठ में रोक लिया जिससे उनका पूरा कंठ नीला पड़ गया और तबसे ही भगवान भोलेनाथ को नीलकंठ भी कहा जाने लगा.
उस विष का की गर्मी इतनी ज्यादा थी की महादेव को चन्द्रमा को धारण करना पड़ा क्यूंकि चंद्रमा शीतलता प्रदान करते है. कंठ के जलन से बचने के लिए भगवान भोलेनाथ ने वासुकी नाग को अपने कंठ में लिपटा लिया और तभी से सर्पो की भी पूजा होने लगी. जहर का असर कम करने के लिए देवताओ में उनपर गंगा जी के जल को फेंकने लगे तभी से सावन में गंगा जल शिव जी पे चढ़ाया जाता है.
2. एक और कथा माता पार्वती से जुडी हुयी है. पुराणों के अनुसार माता सती ने दूसरी बार हिमालय के घर में माता पार्वती के रूप में जन्म लिया. सावन के महीने में ही माता पार्वती ने देवताओ के कहने पर भगवान शंकर को पाने के लिए कठोर तप किया सावन के सोमवार को माता पार्वती ने विधि विधान पूर्वक शिव जी की आराधना की तब शिव जी ने प्रसन्न होकर माता पार्वती से विवाह का वचन दिया. इसके बाद से ही सावन के सोमवार को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता हैं.
हमारें हिन्दू धर्म में सावन का महीना बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं. मान्यता हैं की इस महीने में भगवान भोलेनाथ भक्तों की पुकार बहुत जल्दी सुनते है. ये महीना शिव जी को अत्यधिक प्रिय हैं. इसलिए जों भी भक्त सावन में सच्चे मन से शिव जी की आराधना करता हैं भगवान शिव उसकी सारी मनोंकामना अवश्य पूरी करते हैं. इस महीने में भोलेनाथ के भक्त कांवर यात्रा करते है गंगा जी का जल लेकर भक्त पैदल और नंगे पांव चलकर शिव लिंग पर उस जल को चढ़ाते हैं.
सबसे प्रसिद्ध कांवर यात्रा देवघर के बाबा वैद्यनाथ धाम की होती है जिसमे कांवरिये गंगा जी का जल बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से भरकर झारखण्ड के देवघर में बाबा वैद्यनाथ पर चढ़ाते हैं. ये दुरी 100 किलोमीटर से भी ज्यादा होती हैं लेकिन भोलेनाथ के भक्त इस दुरी को भी हँसते गाते नाचते झूमते भक्ति से ओत प्रोत होकर पूरी कर लेते हैं. हिन्दू धर्म के लोग कोई भी शुभ कार्य सावन में करना अत्यधिक लाभकारी मानते हैं . सावन के महीने में ही मार्कंडेय ऋषि द्वारा महामृतुन्ज्य मन्त्र को सिद्ध किया गया था.
सावन के सोमवार को भी हमारें धर्मं में बहुत सावन के सोमवार को भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जाती हैं. इस दिन को भक्त व्रत उपवास रखते है और महादेव की पूजा करते हैं सावन के सोमवार को बहुत ही फलदायक मन गया हैं. महिलायें इस व्रत को एक अच्छे जीवनसाथी पाने के लिए और वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए करती हैं .इस बार सावन का महीना (Sawan maas 2021) 25 जुलाई से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलेगा, इस बार 4 सोमवार पड़ेंगे.
1 – 26 जुलाई 2021 | 2- 02 अगस्त 2021 |
3 – 09 अगस्त 2021 | 4 – 16 अगस्त 2021 |
Sawan me puja karne ki vidhi: वैसे तो भगवान शिव भक्त वत्सल होते हैं. भक्तो पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जातें हैं. सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के अभिषेक को फलदायी बताया गया हैं. शिव जी का अभिषेक आप अपनी इच्छा अनुसार जल ,दुध ,गन्ने के रस , मधु (शहद) इत्यादी किसी भी प्रकार से सकते है. सूर्योदय के पहले जगे, स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करे पूजा स्थल की साफ सफाई करे उसके बाद भगवान शिव का मंत्रोचारण के साथ घी या तिल के दिए जलाएं. पुष्प चढ़ाये बेल पत्र शिव जीको बहुत प्रिय हैं अतः इसको जरुर चढ़ाये. इस तरह आप सच्चे मन से महादेव की आराधना करके जीवन सुखमय बना सकते हैं.
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