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शिक्षा जगत में बड़ी हलचल: L-1 Coaching में श्री दयाशंकर कुमार सर के मार्गदर्शन में ‘प्री-फाउंडेशन’ टीम की महा-बैठक संपन्न

वाराणसी: शिक्षा की नगरी काशी, जो सदियों से ज्ञान का केंद्र रही है, आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी सबसे बड़ा हब बन चुकी है। इसी कड़ी में वाराणसी के प्रतिष्ठित संस्थान L-1 Coaching ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्यों उन्हें best NEET coaching in Varanasi और best IIT JEE coaching in Varanasi के रूप में जाना जाता है।

हाल ही में संस्थान के प्रांगण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक संपन्न हुई। यह बैठक किसी सामान्य विचार-विमर्श के बारे में नहीं थी, बल्कि यह वाराणसी के हज़ारों छात्रों के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने की एक गंभीर पहल थी।

इस विशेष मीटिंग की सबसे बड़ी विशेषता इसका नेतृत्व था। बैठक आदरणीय श्री दयाशंकर कुमार सर के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। जो लोग शिक्षा जगत से जुड़े हैं, वे जानते हैं कि श्री दयाशंकर कुमार का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

Ex Deputy Commissioner (NVS) और Ex Deputy Director (Delhi Board of School Education) के रूप में उनका अनुभव विशाल और प्रेरणादायी है। उनके पास न केवल प्रशासनिक कौशल है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को बदलने का एक लंबा विजन भी है। नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और दिल्ली बोर्ड में उनके कार्यकाल के दौरान हुए सुधार आज भी मिसाल के तौर पर देखे जाते हैं। उनके जैसे दिग्गज व्यक्तित्व का L-1 की प्री-फाउंडेशन टीम के साथ जुड़ना, छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

बैठक में L-1 की प्री-फाउंडेशन टीम के सभी प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया। इस टीम में Physics (भौतिक विज्ञान), Chemistry (रसायन विज्ञान), Maths (गणित) और English (अंग्रेजी) के विशेषज्ञ शिक्षक शामिल रहे।

नींव मजबूत करने पर विशेष ज़ोर

अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग संस्थान केवल NEET या IIT पर ध्यान देते हैं, लेकिन L-1 Coaching की सोच यहाँ अलग और कहीं अधिक गहरी है। उनका मानना है कि अगर नींव (Foundation) मजबूत होगी, तभी सफलता की इमारत बुलंद होगी। यही कारण है कि प्री-फाउंडेशन स्तर पर ही बच्चों को न केवल विज्ञान और गणित, बल्कि भाषा (English) और सामाजिक बोध (Social Studies) में भी निपुण बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

मीटिंग का मुख्य एजेंडा था— “प्रत्येक छात्र से उसका सर्वश्रेष्ठ (Best) कैसे निकलवाया जाए?”

व्यक्तिगत ध्यान और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

श्री दयाशंकर कुमार सर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि हर बच्चा अपनी क्षमताओं में अद्वितीय होता है। कोई गणित में तेज़ हो सकता है, तो किसी की कल्पनाशक्ति विज्ञान में बेहतर हो सकती है। शिक्षकों के साथ हुई इस विस्तृत चर्चा में इस बात पर मंथन किया गया कि कैसे व्यक्तिगत ध्यान के माध्यम से एक औसत छात्र को भी मेधावी बनाया जा सकता है।

शिक्षकों ने अपने-अपने विषयों में आ रही चुनौतियों और छात्रों के फीडबैक को साझा किया। चर्चा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर भी बात की गई कि कैसे छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया जाए।

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आज की दुनिया ग्लोबल विलेज बन चुकी है। ऐसे में भारतीय छात्रों को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है। मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में कौन-कौन से नए प्रयोग हो रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मानकों का समावेश

चाहे वह फिनलैंड की शिक्षा पद्धति हो या सिंगापुर का मॉडल, कैसे हम उन बेहतरीन तकनीकों को वाराणसी के परिवेश में ढालकर अपने बच्चों को दे सकते हैं, इस पर गंभीरता से विचार किया गया। L-1 Coaching का लक्ष्य केवल परीक्षा पास करवाना नहीं, बल्कि छात्रों में एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच पैदा करना है, जो उन्हें best IIT JEE coaching in Varanasi की श्रेणी में सबसे ऊपर रखता है।

मीटिंग के अंत में श्री दयाशंकर कुमार सर ने अपने वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए पूरी टीम को प्रोत्साहित किया। उन्होंने केवल सुझाव ही नहीं दिए, बल्कि अगली बैठक के पूर्व तक के लिए सभी शिक्षकों को कुछ महत्वपूर्ण टास्क भी सौंपे।

शिक्षकों का उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प

ये टास्क छात्रों की लर्निंग एबिलिटी को ट्रैक करने और नए टीचिंग मॉड्यूल तैयार करने से संबंधित हैं। कुमार सर ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल सिलेबस खत्म करना नहीं, बल्कि छात्र के भीतर सीखने की भूख पैदा करना है। संस्थान के शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे कुमार सर द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे और प्री-फाउंडेशन स्तर पर शिक्षा के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।

वाराणसी में कोचिंग संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है, लेकिन L-1 Coaching अपनी गुणवत्ता, अनुशासन और अनुभवी मेंटरशिप के कारण आज भी छात्रों और अभिभावकों की पहली पसंद बना हुआ है।

सफलता के चार प्रमुख स्तंभ

  • अनुभवी सलाहकार: श्री दयाशंकर कुमार जैसे विशेषज्ञों का सीधा जुड़ाव।
  • प्री-फाउंडेशन पर फोकस: 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षा से ही NEET और IIT की मजबूत तैयारी।
  • होलिस्टिक अप्रोच: विज्ञान के साथ-साथ भाषा और सामाजिक विषयों पर भी समान ध्यान।
  • व्यक्तिगत मार्गदर्शन: हर छात्र की क्षमता के अनुसार उसे तैयार करना।

यही कारण है कि जब भी best NEET coaching in Varanasi की बात होती है, तो L-1 Coaching का नाम सबसे पहले आता है। यहाँ का वातावरण छात्रों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी सक्षम बनाता है।

L-1 Coaching की यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि संस्थान अपनी सफलता पर रुकने वाला नहीं है। वे लगातार सुधार और नवाचार में विश्वास रखते हैं। श्री दयाशंकर कुमार सर के नेतृत्व में प्री-फाउंडेशन टीम अब एक नई ऊर्जा के साथ मैदान में है। वाराणसी के छात्रों और अभिभावकों के लिए यह एक सुखद संकेत है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित और अनुभवी हाथों में है।